उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से सामने आया IVF रैकेट का मामला पूरे देश को झकझोर देने वाला है। इस सनसनीखेज खुलासे में आरोप है कि महज 15 साल की नाबालिग लड़की को कागजों में शादीशुदा महिला दिखाकर उसका इलाज किया गया और अवैध तरीके से उसके अंडाणु (एग्स) निकलवाए गए।
इस मामले में पलक, रिंकी और सीमा जैसे नाम सामने आए हैं, जो अलग-अलग पहचान के रूप में इस्तेमाल किए गए। पुलिस की शुरुआती जांच में यह साफ हो गया है कि यह कोई एक घटना नहीं, बल्कि संगठित IVF रैकेट का हिस्सा है।
🏥 कैसे सामने आया IVF रैकेट
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रयागराज के एक निजी IVF सेंटर में कानून के खिलाफ इलाज किया जा रहा है। जांच के दौरान पता चला कि:
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एक नाबालिग लड़की की उम्र छिपाई गई
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उसे शादीशुदा महिला बताया गया
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अलग-अलग नामों से मेडिकल फाइल तैयार की गई
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बिना वैध सहमति और नियमों के अंडाणु निकाले गए
जैसे ही सच्चाई सामने आई, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।






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